गोरखपुर के रिंग रोड प्रोजेक्ट के सबसे महत्वपूर्ण चरण जगदीशपुर-कालेसर फोरलेन बाईपास का 92 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा हो चुका है। एनएचएआई (NHAI) और लोक निर्माण विभाग ने संयुक्त निरीक्षण के बाद घोषणा की है कि 15 अक्टूबर 2026 से इस 28 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाईपास को भारी मालवाहक वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। इस मार्ग के चालू होने से लखनऊ, वाराणसी, देवरिया, कुशीनगर और बिहार जाने वाले ट्रकों व बसों को गोरखपुर शहर के भीतर ट्रांसपोर्ट नगर, नौसढ़ और असुरन चौराहे से गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे शहर के भीतरी मार्गों पर 65% यातायात दबाव स्वतः समाप्त हो जाएगा।
गोरखपुर जगदीशपुर-कालेसर फोरलेन रिंग रोड का 92% निर्माण पूरा
दैनिक गोरखपुर डिजिटल डेस्क, गोरखपुर:
गोरखपुर महानगर को दशकों पुराने भीषण जाम से स्थायी मुक्ति दिलाने के लिए तैयार हो रही महत्वाकांक्षी 'आउटर रिंग रोड' परियोजना अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के मुख्य महाप्रबंधक और गोरखपुर मंडलायुक्त ने रविवार को जगदीशपुर से कालेसर के बीच निर्माणाधीन 28 किलोमीटर लंबे फोरलेन बाईपास का स्थलीय निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि परियोजना का 92 प्रतिशत भौतिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और शेष पेंटिंग, क्रैश बैरियर व सोलर स्ट्रीट लाइट्स का कार्य आगामी 10 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। 15 अक्टूबर से इस पूरे मार्ग को औपचारिक रूप से भारी वाहनों व वाणिज्यिक ट्रैफिक के लिए खोल दिया जाएगा।
कैसे बदलेगी गोरखपुर की ट्रैफिक व्यवस्था?
- भारी वाहनों का पूर्ण डायवर्जन:
वर्तमान में लखनऊ से कुशीनगर, बिहार या सिलीगुड़ी की ओर जाने वाले प्रतिदिन 18,000 से अधिक भारी ट्रक नौसढ़, ट्रांसपोर्ट नगर, पैडलेगंज और मोहद्दीपुर से होकर गुजरते हैं। बाईपास चालू होते ही कालेसर जीरो पॉइंट से सभी भारी वाहन सीधे जगदीशपुर एनएच-28 पर निकल जाएंगे।
- नौसढ़ व रुस्तमपुर जाम से मुक्ति:
गोरखपुर का सबसे व्यस्त प्रवेश द्वार नौसढ़ चौराहा अब पूरी तरह भारी वाहनों से मुक्त हो जाएगा। इससे स्थानीय दैनिक यात्रियों और स्कूली बसों को जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।
- आमी व राप्ती नदी पर बने अत्याधुनिक फोरलेन पुल:
इस बाईपास पर राप्ती नदी और आमी नदी के ऊपर ₹140 करोड़ की लागत से दो विशाल 4-लेन पुल और 4 अत्याधुनिक इंटरचेंज ओवरब्रिज बनाए गए हैं।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- बाईपास की लंबाई: 28 किलोमीटर पूर्णतः 4-लेन पेव्ड शोल्डर मार्ग
- शुरुआत की तिथि: 15 अक्टूबर 2026 से भारी वाहनों का परिचालन
- प्रमुख इंटरचेंज: कालेसर (लखनऊ रोड), जगदीशपुर (कुशीनगर-बिहार रोड), बाघागाड़ा (वाराणसी रोड)
- ट्रैफिक राहत: गोरखपुर शहर के आंतरिक मार्गों पर 65% ट्रैफिक दबाव घटेगा
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