तथ्य-जांच और त्रुटि सुधार नीति (Fact-Check & Correction Policy)
'दैनिक गोरखपुर' (Dainik Gorakhpur) डिजिटल युग में दुष्प्रचार, भ्रामक सूचनाओं (Misinformation) और फर्जी खबरों (Fake News) के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति का कड़ाई से पालन करता है।
हमारी तथ्य-जांच प्रक्रिया (4-Tier Verification Workflow):
- प्राथमिक स्रोतों से पुष्टि: किसी भी संवेदनशील, राजनीतिक, दुर्घटना अथवा प्रशासनिक खबर को प्रकाशित करने से पूर्व जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग अथवा संबंधित प्रत्यक्षदर्शी स्रोतों से पुष्टि की जाती है।
- सोशल मीडिया दावों की पड़ताल: व्हाट्सएप, फेसबुक, एक्स (ट्विटर) पर वायरल दावों की रिवर्स इमेज सर्च (Reverse Image Search), वीडियो मेटाडेटा विश्लेषण और भौगोलिक सत्यापन किया जाता है।
- स्वतंत्र क्रॉस-चेकिंग: किसी भी विवादास्पद मुद्दे पर दोनों पक्षों का पक्ष जानने और आधिकारिक रिकॉर्ड्स की जांच के बाद ही अंतिम रिपोर्ट जारी की जाती है।
- संपादकीय अनुमोदन: विशेष जांच रिपोर्ट केवल वरिष्ठ संपादकीय मंडल के अनुमोदन के पश्चात ही लाइव की जाती है।
पारदर्शी सुधार नीति (Transparent Corrections Policy):
- यदि किसी समाचार में अनजाने में कोई तथ्यात्मक, वर्तनी संबंधी अथवा सांख्यिकीय त्रुटि हो जाती है, तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत संशोधित किया जाता है।
- संशोधित समाचार के अंत में एक स्पष्ट 'सुधार नोट' (Correction Note / Editor's Note) जोड़ा जाता है, जिसमें त्रुटि और सुधार की तिथि-समय का स्पष्ट उल्लेख होता है।
- पाठक किसी भी खबर में विसंगति दिखने पर हमारे फैक्ट-चेक डेस्क को editor@dainikgorakhpur.com पर ईमेल भेज सकते हैं।