गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के बोर्ड ने सेक्टर-27 और प्लास्टिक पार्क में 42 प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों को 110 एकड़ औद्योगिक भूखंडों के आवंटन पत्र जारी कर दिए हैं। इस आवंटन से गोरखपुर व पूर्वांचल में ₹1,850 करोड़ का नया निजी निवेश धरातल पर उतरेगा। गारमेंट क्लस्टर, पैकेजिंग, एग्रो-प्रोसेसिंग और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों के माध्यम से 14,000 से अधिक स्थानीय युवाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहे इस कॉरिडोर में प्लग-एंड-प्ले शेड और 132 केवी सब-स्टेशन का निर्माण भी रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है।
गीडा में औद्योगिक क्रांति: 42 नई मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को भूमि आवंटन, ₹1,850 करोड़ का निवेश और 14,000 युवाओं को रोजगार
दैनिक गोरखपुर डिजिटल डेस्क, गीडा (गोरखपुर):
पूर्वांचल को देश का नया मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में आज गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने ऐतिहासिक छलांग लगाई है। गीडा बोर्ड की उच्चस्तरीय बैठक में सेक्टर-27, प्लास्टिक पार्क और गारमेंट पार्क में कुल 42 प्रतिष्ठित औद्योगिक घरानों को 110 एकड़ औद्योगिक भूमि के अंतिम आवंटन पत्र जारी कर दिए गए।
इस नए औद्योगिक आवंटन से गोरखपुर में ₹1,850 करोड़ का भारी-भरकम निजी पूंजी निवेश धरातल पर उतरेगा, जिससे 14,000 से अधिक कुशल व अकुशल स्थानीय युवाओं को अपने ही गृह जनपद में सम्मानजनक आजीविका और रोजगार प्राप्त होगा।
प्रमुख औद्योगिक आवंटन एवं सेक्टर्स की स्थिति:
- गारमेंट एवं टेक्सटाइल पार्क (सेक्टर-26):
पूर्वांचल के कुशल दर्जी और टेक्सटाइल कारीगर जो पहले सूरत, लुधियाना या तिरुपुर जाते थे, अब गीडा में तैयार हो रही 18 नई रेडीमेड गारमेंट इकाइयों में काम करेंगे। यहां प्रतिदिन 50,000 से अधिक वस्त्रों के निर्माण की क्षमता होगी।
- प्लास्टिक एवं पैकेजिंग पार्क (सेक्टर-27):
फार्मास्युटिकल बॉटल्स, फूड ग्रेड पैकेजिंग और कृषि पाइप्स के निर्माण हेतु 14 आधुनिक इकाइयों को भूखंड आवंटित किए गए हैं। केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स संस्थान (CIPET) की लैब भी इसी परिसर में कार्यरत है।
- एग्रो एवं फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर:
गोरखपुर और आसपास के किसानों की उपज (टमाटर, हरी मिर्च, मक्का, स्ट्रॉबेरी व काला नमक चावल) की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन के लिए 6 मेगा फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित होंगी।
- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग:
ई-रिक्शा बैटरी असेंबली और सोलर इनवर्टर के 4 नए प्लांट्स गीडा में जल्द भूमिपूजन करेंगे।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे से मिली अभूतपूर्व कनेक्टिविटी:
गीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) ने बताया कि गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के चालू होने से गीडा की फैक्ट्रियों से लखनऊ महज 3.5 घंटे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली व बिहार तक निर्बाध फ्रेट आवागमन संभव हो चुका है। गीडा क्षेत्र में ₹70 करोड़ की लागत से 132 केवी का डेडीकेटेड पावर सब-स्टेशन और 24 घंटे जलापूर्ति की व्यवस्था पूरी कर ली गई है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- कुल भूमि आवंटन: 110 एकड़ क्षेत्र में 42 नई औद्योगिक इकाइयां
- प्रस्तावित निवेश: ₹1,850 करोड़ की निजी पूंजी परियोजनाएं
- रोजगार सृजन: 14,000 से अधिक युवाओं को सीधा रोजगार व स्वरोजगार
- प्रमुख सेक्टर्स: रेडीमेड गारमेंट्स, प्लास्टिक पैकेजिंग, एग्रो-फूड और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स
- सुविधाएं: प्लग एंड प्ले शेड, कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) और टोल-फ्री लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर
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