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सिद्धार्थनगर: कपिलवस्तु बुद्ध स्थली यूनेस्को हेरिटेज कॉरिडोर मास्टर प्लान मंजूर; कालानमक चावल का 500 मीट्रिक टन खाड़ी देशों को रिकॉर्ड निर्यात

✍️ विनोद कुमार मिश्र 📅 प्रकाशित: 6/9/2026
सिद्धार्थनगर: कपिलवस्तु बुद्ध स्थली यूनेस्को हेरिटेज कॉरिडोर मास्टर प्लान मंजूर; कालानमक चावल का 500 मीट्रिक टन खाड़ी देशों को रिकॉर्ड निर्यात

सिद्धार्थनगर जनपद के लिए रविवार का दिन दोहरी ऐतिहासिक सौगात लेकर आया। एक ओर भगवान बुद्ध के बाल्यकाल की पावन राजधानी प्राचीन कपिलवस्तु (पिपरहवा-गनवरिया) के वैश्विक कायाकल्प के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार ने ₹320 करोड़ के ‘कपिलवस्तु हेरिटेज कॉरिडोर मास्टर प्लान’ को मंजूरी दी है। वहीं दूसरी ओर, जिले के जीआई-टैग्ड खुशबूदार ‘कालानमक चावल’ की 500 मीट्रिक टन की सबसे बड़ी वाणिज्यिक खेप संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) और सऊदी अरब के लिए रवाना की गई। इससे जिले के 15 हजार किसान परिवारों की आय में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है।

सिद्धार्थनगर में दोहरी क्रांति: कपिलवस्तु हेरिटेज कॉरिडोर और कालानमक चावल का वैश्विक डंका **दैनिक गोरखपुर कृषि एवं धरोहर ब्यूरो, सिद्धार्थनगर:** तथागत भगवान बुद्ध की क्रीड़ास्थली और कालानमक चावल की सुगंध से महकने वाले सीमावर्ती सिद्धार्थनगर जनपद के लिए विकास का नया सूर्योदय हुआ है। केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय और उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग ने संयुक्त रूप से **₹320 करोड़** के महत्वाकांक्षी **'कपिलवस्तु इंटरनेशनल हेरिटेज कॉरिडोर'** के मास्टर प्लान को औपचारिक हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही, सिद्धार्थनगर के 10 प्रमुख किसान उत्पादक संगठनों (FPO) द्वारा उपजाए गए 'बुद्ध के महाप्रसाद' कहे जाने वाले **कालानमक चावल (Kalanamak Rice)** के 500 मीट्रिक टन निर्यात कंटेनरों को कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। --- कपिलवस्तु हेरिटेज कॉरिडोर में क्या होगा खास? पुरातत्वविदों एवं वास्तुकारों द्वारा तैयार किए गए इस मास्टर प्लान के तहत प्राचीन पिपरहवा स्तूप और गनवरिया पुरातात्विक परिसर का अंतरराष्ट्रीय मानकों पर पुनरुद्धार किया जाएगा: 1. **अंतरराष्ट्रीय विपश्यना ध्यान केंद्र (Vipassana Meditation Centre):** 3000 साधकों की क्षमता वाला शांत वाटर-बॉडी से घिरा आधुनिक मेडिटेशन हॉल। 2. **3D वर्चुअल बौद्ध म्यूजियम व रिसर्च लाइब्रेरी:** राजकुमार सिद्धार्थ के कपिलवस्तु त्याग (महाभिनिष्क्रमण) के ऐतिहासिक प्रसंगों को अत्याधुनिक 3D होलोग्राम व लेजर शो के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। 3. **बढ़नी-कपिलवस्तु 4-लेन हेरिटेज मार्ग:** भारत-नेपाल बॉर्डर (बढ़नी) से कपिलवस्तु तक 22 किलोमीटर लंबा सुसज्जित हेरिटेज पाथवे, जिसके दोनों ओर अशोक व बोधि वृक्षों की कतारें होंगी। 4. **आधुनिक टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर (TFC):** फाइव-स्टार कैफे, स्थानीय हस्तशिल्प बिक्री केंद्र और सोलर पावर्ड ई-कार्ट सेवा। --- कालानमक चावल: खाड़ी और यूरोपीय बाजारों में बढ़ी मांग सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारी एवं उप कृषि निदेशक ने बताया कि सिद्धार्थनगर के कालानमक चावल को हाल ही में अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन (APEDA Organic Certification) प्राप्त हुआ है। दुबई, रियाद और लंदन के सुपरमार्केट्स में कालानमक चावल अपने अद्वितीय सुगंध, आयरन-जिंक की प्रचुरता और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स (लो-जीआई) के कारण अत्यंत लोकप्रिय हो चुका है। - इस वर्ष जिले में 25,000 हेक्टेयर में कालानमक की बुवाई की गई थी। - किसानों को सामान्य धान के मुकाबले ₹3,500 से ₹4,200 प्रति क्विंटल का प्रीमियम मूल्य सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हो रहा है। - बांसी, शोहरतगढ़, डुमरियागंज और नौगढ़ के प्रगतिशील किसानों ने इस सफलता पर खुशी जाहिर की है। --- मुख्य बिंदु (Key Highlights): - **धरोहर परियोजना:** कपिलवस्तु यूनेस्को हेरिटेज कॉरिडोर (लागत ₹320 करोड़) - **कृषि उपलब्धि:** 500 मीट्रिक टन कालानमक चावल का संयुक्त अरब अमीरात व सऊदी अरब को निर्यात - **सुविधाएं:** अंतरराष्ट्रीय विपश्यना केंद्र, 3D म्यूजियम, बढ़नी बॉर्डर से 4-लेन हेरिटेज लिंक - **प्रभाव:** सिद्धार्थनगर के 15,000 से अधिक किसानों को मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार और प्रीमियम मूल्य