सिद्धार्थनगर के 'काला नमक चावल' को मिला अंतरराष्ट्रीय एक्सपोर्ट हब: यूरोप और खाड़ी देशों में सीधे होगा निर्यात; 12,000 किसानों को मिला प्रीमियम न्यूनतम मूल्य
✍️ सुरेश चंद्र वर्मा
📅 प्रकाशित: 7/9/2026
भगवान बुद्ध के महाप्रसाद के रूप में विख्यात सिद्धार्थनगर के अद्वितीय सुगंधित 'काला नमक चावल' (Kalanamak Rice) के लिए नौगढ़ में ₹24 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग व ऑर्गेनिक एक्सपोर्ट हब की स्थापना पूरी हो गई है। एपीडा (APEDA) और नाबार्ड के सहयोग से पहली बार स्थानीय एफपीओ सीधे लंदन, दुबई और जर्मनी के सुपरमार्केट्स में चावल की खेप रवाना करेंगे।
सिद्धार्थनगर: काला नमक चावल की खुशबू अब सात समंदर पार, नया एक्सपोर्ट हब शुरू
**दैनिक गोरखपुर ब्यूरो, सिद्धार्थनगर (नौगढ़):**
कपिलवस्तु की पावन धरती सिद्धार्थनगर की विशिष्ट पहचान **काला नमक चावल (बुद्ध का महाप्रसाद)** अब वैश्विक पटल पर नए आयाम स्थापित कर रहा है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) तथा उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में नौगढ़ तहसील में **अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड राइस प्रोसेसिंग एवं एक्सपोर्ट फैसिलिटी** की शुरुआत की गई है।
इस केंद्र में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप स्वचालित वैक्यूम पैकेजिंग, नमी नियंत्रक साइलो और कीटनाशक अवशेष (Residue-free) परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित की गई है।
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किसानों को मिलेगा सामान्य धान से तीन गुना मूल्य
जिले के 14 कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) से जुड़े 12,000 से अधिक पंजीकृत किसानों को इस केंद्र के माध्यम से न्यूनतम ₹9,500 प्रति क्विंटल का प्रीमियम खरीद मूल्य मिल रहा है, जो सामान्य धान के समर्थन मूल्य से तीन गुना अधिक है।
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उत्पाद विशेषताएं (Unique Highlights):
- **विशिष्टता:** उच्च आयरन व जिंक युक्त, लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स (मधुमेह रोगियों के लिए लाभकारी)
- **जीआई टैग:** वर्ष 2013 में पंजीकृत भौगोलिक संकेतक
- **निर्यात गंतव्य:** यूके, यूएई, कतर, जर्मनी एवं अमेरिका
- **प्रमाणन:** 100% जैविक (Organic NPOP & USDA certified)