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डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय को मिला नैक का सर्वोच्च 'A++' ग्रेड नवीनीकरण: ड्रोन टेक्नोलॉजी व रीजनल लैंग्वेज सेंटर को यूजीसी से मिली ₹25 करोड़ की विशेष ग्रांट

✍️ मनीष कुमार पांडेय 📅 प्रकाशित: 7/9/2026
डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय को मिला नैक का सर्वोच्च 'A++' ग्रेड नवीनीकरण: ड्रोन टेक्नोलॉजी व रीजनल लैंग्वेज सेंटर को यूजीसी से मिली ₹25 करोड़ की विशेष ग्रांट

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDUGU) ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) के चौथे चक्र के मूल्यांकन में 3.78 सीजीपीए के साथ सर्वोच्च 'A++' ग्रेड बरकरार रखकर पूर्वांचल की उच्च शिक्षा में कीर्तिमान स्थापित किया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर संस्थान को 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के तहत ₹25 करोड़ की विशेष शोध ग्रांट स्वीकृत की है। इस राशि से विश्वविद्यालय परिसर में आधुनिक ड्रोन रिसर्च हब और भोजपुरी-अवधी भाषा अनुसंधान केंद्र की स्थापना होगी।

डीडीयू गोरखपुर विवि का गौरव: NAAC का सर्वोच्च A++ ग्रेड बरकरार, UGC से ₹25 करोड़ की विशेष ग्रांट मंजूर **दैनिक गोरखपुर ब्यूरो, विश्वविद्यालय परिसर:** दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (DDU Gorakhpur University) ने देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में एक बार फिर अपना परचम लहराया है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की पीयर टीम की अंतिम समीक्षा रिपोर्ट में डीडीयू को **3.78 CGPA के साथ सर्वोच्च 'A++' ग्रेड** से नवाजा गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के चेयरमैन ने आज 7 सितंबर 2026 को आधिकारिक पत्र जारी कर गोरखपुर विश्वविद्यालय को **'उत्कृष्ट अनुसंधान संस्थान (Institution of Excellence)'** के रूप में ₹25 करोड़ की विशेष केंद्रीय ग्रांट प्रदान करने की घोषणा की। --- इन 3 प्रमुख क्षेत्रों में खर्च होगी ₹25 करोड़ की ग्रांट: 1. **एडवांस्ड ड्रोन एवं एग्री-रोबोटिक्स रिसर्च सेंटर (लागत ₹12 करोड़):** कृषि में कीटनाशक छिड़काव, फसल निगरानी और आपदा प्रबंधन में ड्रोन तकनीक के उपयोग पर शोध होगा। पूर्वांचल के छात्रों को ड्रोन पायलट व असेंबलिंग का सरकारी सर्टिफिकेशन दिया जाएगा। 2. **भोजपुरी, मैथिली व अवधी भाषा डिजिटल आर्काइव (लागत ₹7 करोड़):** पूर्वांचल की समृद्ध लोकसंस्कृति, कबीर, गोरखनाथ साहित्य और लोकगीतों का डिजिटल संरक्षण एवं एआई अनुवाद उपकरण विकसित किए जाएंगे। 3. **स्मार्ट डिजिटल लाइब्रेरी व पेटेंट सेल (लागत ₹6 करोड़):** छात्रों व शोधार्थियों के अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स तक निशुल्क पहुंच और पेटेंट फाइलिंग के लिए समर्पित सेल की स्थापना होगी। --- कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने दी बधाई विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने शिक्षक संघ, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा: > *"यह उपलब्धि विश्वविद्यालय परिवार के सामूहिक परिश्रम, निरंतर शोध पत्रों के प्रकाशन और बेहतर प्लेसमेंट रिकॉर्ड का परिणाम है। हमारा लक्ष्य डीडीयू को देश के शीर्ष 20 केंद्रीय व राज्य विश्वविद्यालयों की श्रेणी में स्थापित करना है।"* विश्वविद्यालय परिसर के संवाद भवन में शिक्षकों व छात्र नेताओं ने मिठाई बांटकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया।