मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कड़ा आदेश: जनसुनवाई (IGRS) में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर सीधे दर्ज होगी FIR, हर जिले में एंटी-भूमाफिया टास्क फोर्स 24 घंटे एक्टिव
✍️ दैनिक गोरखपुर सिस्टम
📅 प्रकाशित: 9/9/2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और जनसुनवाई प्रणाली की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। सीएम ने दो-टूक कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1076 और आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर आने वाली जनशिकायतों का मौके पर जाकर निष्पक्ष निस्तारण किया जाए। फर्जी या कागजी रिपोर्ट लगाकर शिकायत बंद करने वाले एसडीएम, सीओ, तहसीलदार और थानेदारों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज कर निलंबन की कार्रवाई होगी। इसके साथ ही गरीब, किसान और असहाय लोगों की जमीन पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ हर जिले में एंटी-भूमाफिया टास्क फोर्स को 24 घंटे सक्रिय रहने और 7 दिन के भीतर अवैध कब्जा मुक्त कराने का अल्टीमेटम दिया गया है।
मुख्यमंत्री का सख्त फरमान: जनसुनवाई में फर्जी रिपोर्टिंग पर नपेंगे अफसर, भूमाफियाओं पर चलेगा कानून का चाबुक
**दैनिक गोरखपुर ब्यूरो, लखनऊ / गोरखपुर:**
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन के वरिष्ठ अधिकारियों, सभी मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय कानून-व्यवस्था व जनशिकायत निवारण समीक्षा बैठक में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अभूतपूर्व कड़े दिशानिर्देश जारी किए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा:
> *"जनता की समस्या का समाधान ही सुशासन की पहली और अंतिम कसौटी है। यदि किसी गरीब, किसान, व्यापारी या महिला की शिकायत पर कोई अधिकारी संवेदनहीनता दिखाता है अथवा बिना मौके पर जाए दफ्तर में बैठकर निस्तारण की झूठी रिपोर्ट लगाता है, तो ऐसे आचरण को शासकीय कदाचार मानकर सीधे निलंबन और विभागीय जांच के साथ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।"*
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बैठक के 5 सबसे बड़े शासकीय निर्देश (Key Directives):
1. **आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन (1076) की रैंडम ऑडिट:**
सीएम डैशबोर्ड से हर महीने जिलों की रैंकिंग जारी होगी। शासन स्तर से 20% शिकायतों की औचक कॉल और स्थलीय पड़ताल होगी। असंतुष्ट पाए जाने पर संबंधित नोडल अधिकारी की प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज होगी।
2. **एंटी-भूमाफिया टास्क फोर्स 24 घंटे एक्शन मोड में:**
ग्राम सभा, चकमार्ग, चारागाह, तालाब, श्मशान/कब्रिस्तान और निजी भूखंडों पर अवैध कब्जा करने वालों को चिह्नित कर गुंडा एक्ट और गैंगस्टर के तहत कार्रवाई होगी। अवैध कब्जों को 7 दिन में ध्वस्त किया जाएगा।
3. **थाना समाधान दिवस और संपूर्ण समाधान दिवस की गरिमा:**
प्रत्येक माह के दूसरे व चौथे शनिवार को आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस पर डीएम और एसपी स्वयं मौजूद रहकर कम से कम 10 जटिल प्रकरणों का स्थलीय मुआयना करेंगे।
4. **महिला सुरक्षा व मिशन शक्ति 5.0 की चौपालें:**
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के संवेदनशील इलाकों, कोचिंग संस्थानों, स्कूलों और बाजारों में एंटी-रोमियो स्क्वॉड और पिंक पेट्रोलिंग टीम की नियमित गश्त अनिवार्य की गई है।
5. **राजस्व व वरासत प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण:**
नामान्तरण, वरासत, पैमाइश और सीमांकन के मामलों को अविवादित श्रेणी में अधिकतम 15 दिनों के भीतर निस्तारित करने का आदेश दिया गया है।
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गोरखपुर और बस्ती मंडल के अधिकारियों को विशेष ताकीद:
सीएम ने गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर के जिलाधिकारियों से कहा कि बाढ़ के बाद जलजमाव, संक्रामक बीमारियों की रोकथाम, किसानों को मुआवजा वितरण और सड़कों के गड्ढामुक्ति अभियान में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- **लापरवाही पर एक्शन:** झूठी आख्या लगाने वाले अधिकारियों पर एफआईआर और निलंबन तय
- **एंटी-भूमाफिया विंग:** 7 दिन के भीतर अवैध कब्जा हटाने का सख्त अल्टीमेटम
- **राजस्व मामले:** पैमाइश और वरासत अधिकतम 15 दिन में दर्ज करना अनिवार्य
- **जिलों की रैंकिंग:** सीएम डैशबोर्ड से होगी अधिकारियों के काम की सीधी मॉनिटरिंग