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बलिया: ऐतिहासिक सुरहा ताल पक्षी विहार को अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट का दर्जा दिलाने हेतु ₹45 करोड़ की इको-टूरिज्म योजना मंजूर, गंगा-घाघरा तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी

✍️ संजय कुमार ओझा 📅 प्रकाशित: 9/9/2026
बलिया: ऐतिहासिक सुरहा ताल पक्षी विहार को अंतरराष्ट्रीय रामसर साइट का दर्जा दिलाने हेतु ₹45 करोड़ की इको-टूरिज्म योजना मंजूर, गंगा-घाघरा तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी

बागी बलिया के गौरव और 34 वर्ग किलोमीटर में विस्तृत प्राकृतिक **सुरहा ताल पक्षी विहार (जयप्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य)** को वैश्विक स्तर की रामसर वेटलैंड साइट (Ramsar Site) के रूप में विकसित करने के लिए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय ने आज 9 सितंबर 2026 को ₹45 करोड़ की एकीकृत इको-टूरिज्म कार्ययोजना को हरी झंडी दे दी है। इसके तहत साइबेरिया और मध्य एशिया से आने वाले 10,000 से अधिक प्रवासी पक्षियों के प्राकृतिक आवास संरक्षण, पक्षी अवलोकन टावर, सोलर बोट सफारी और रिंग बांध पर वॉकिंग ट्रैक का निर्माण किया जाएगा। साथ ही गंगा और घाघरा के संवेदनशील तटबंधों पर 24 घंटे सीसीटीवी और ड्रोन निगरानी शुरू कर दी गई है।

सुरहा ताल को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय दर्जा: ₹45 करोड़ की इको-टूरिज्म योजना स्वीकृत, बलिया में बर्ड सफारी **दैनिक गोरखपुर ब्यूरो, सुरहा ताल / बलिया:** क्रांतिवीरों की पावन धरती बलिया का प्रसिद्ध **सुरहा ताल** अब अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण और पक्षी प्रेमियों के प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित होने जा रहा है। 34.32 वर्ग किलोमीटर में फैले इस विशाल प्राकृतिक आद्रभूमि (Wetland) को यूनेस्को रामसर समझौते के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व का वेटलैंड घोषित कराने के लिए उत्तर प्रदेश वन विभाग द्वारा तैयार विस्तृत कार्ययोजना को आज 9 सितंबर 2026 को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने अंतिम रूप से अनुमोदित कर दिया। प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) बलिया ने बताया कि शीत ऋतु में यहां साइबेरियन क्रेन, बार-हेडेड गूज, पिंटेल, कॉमन टील और रेड-क्रेस्टेड पोचार्ड जैसे लाखों विदेशी परिंदों का बसेरा होता है। --- इको-टूरिज्म परियोजना के प्रमुख कार्य घटक: 1. **शून्य-प्रदूषण सोलर बोट सफारी:** पक्षियों की शांति में खलल डाले बिना ताल में 10 इको-फ्रेंडली सोलर नौकाएं चलाई जाएंगी, जिनमें दूरबीन और ऑडियो गाइड की सुविधा होगी। 2. **4 आधुनिक बर्ड वॉचिंग वॉच टावर:** ताल के चारों ओर बसंतपुर, राजपुर, कैथी और करनई किनारों पर 30 फीट ऊंचे हाई-डेफिनिशन टेलीस्कोप युक्त वॉच टावर स्थापित होंगे। 3. **कमल व सिंघाड़ा उत्पादकों का सहकारी क्लस्टर:** ताल के जल में पारंपरिक सिंघाड़ा व मखाना की खेती करने वाले 1200 मल्लाह परिवारों को प्रसंस्करण और पैकेजिंग की नई तकनीक सिखाई जाएगी। 4. **गंगा-घाघरा तटबंधों पर हाई-अलर्ट सर्विलांस:** बाढ़ नियंत्रण विभाग ने बलिया-बैरिया रिंग बांध और गायघाट तटबंध पर नदी के जलस्तर की निगरानी हेतु 24 घंटे के लिए 8 ऑटोमैटिक वॉटर-लेवल सेंसर और ड्रोन गश्ती टीम तैनात की है। --- मुख्य विकास अधिकारी बलिया का बयान: सीडीओ बलिया ने कहा: > *"सुरहा ताल बलिया की आत्मा है। इस योजना के धरातल पर उतरने से लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के जन्मदिवस (अक्टूबर) से पहले बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया जाएगा। स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड और बोटमैन के रूप में प्रशिक्षित कर आजीविका से जोड़ा जा रहा है।"* --- मुख्य बिंदु (Key Highlights): - **वेटलैंड क्षेत्र:** सुरहा ताल (34.32 वर्ग किमी), बलिया सदर - **स्वीकृत वित्तीय बजट:** ₹45 करोड़ (पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग) - **मुख्य आकर्षण:** साइबेरियन प्रवासी पक्षी, सोलर बोट सफारी, वॉच टावर - **सुरक्षा व्यवस्था:** गंगा-घाघरा तटबंधों पर डिजिटल सेंसर व ड्रोन निगरानी